सचिवालय पास लगी इनोवा में मिली 16 वर्षीय लड़की की लाश-NGO मालिक लखनऊ से हरिद्वार ले जा रहा था पुलिस से बोला- फांसी लगाई
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लखनऊ में सचिवालय पास लगी इनोवा कार में गुरुवार रात 16 साल की लड़की की लाश मिली। एक गैर सरकारी संगठन (NGO) का संचालक लाश को हरिद्वार ले जा रहा था।
लड़की की शिनाख्त पारुल के रूप में हुई। वह मूल रूप से कुशीनगर की रहने वाली थी। पुलिस की पूछताछ में NGO संचालक ने बताया, लड़की ने सुसाइड किया था। पुलिस ने लड़की के पिता से बात की और उन्हें लखनऊ बुलाया है। पिता ड्राइवर हैं, वे NGO संचालक के परिवार को लेकर मसूरी गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, गोमती नगर के रहने वाले रितेश रंजन चौबे 28-29 मई की रात करीब 12:30 बजे गोमती नगर थाने पहुंचे। पुलिस को बताया कि कुशीनगर के रहने वाले अभिषेक सक्सेना उनके ड्राइवर हैं। अभिषेक की बेटी पारुल सृजन विहार, विशाल खंड में डॉ. सुशील चंद्र द्विवेदी के NGO सार्वजनिक शिक्षकोन्नयन संस्थान में रहकर पढ़ाई करती थी।
उसने NGO के कमरे में ही सुसाइड कर लिया है। इस सूचना पर पुलिस रितेश रंजन चौबे के साथ सार्वजनिक शिक्षकोन्नयन संस्थान पहुंची।
पुलिस ने NGO संचालक डॉ. सुशील चंद्र त्रिवेदी के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया तो वह थोड़ी ही देर में आ गए। सुशील चंद्र त्रिवेदी ने पुलिस को बताया कि पारुल उनके संस्था में रहकर पढ़ाई करती थी। 28 मई को शाम करीब 7:30 बजे उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद घर में मौजूद लोगों द्वारा मृतका के शव को उतारा गया। मृतका के पिता से बात कर शव हरिद्वार ले जा रहे थे।
पुलिस के अनुसार, स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने कमरे से साक्ष्य जुटाए। मृतका के परिजन लखनऊ आ रहे हैं। उनकी शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पूछताछ में पता चला है कि पारुल 2 साल से NGO में रह रही थी। उसकी मां की कोरोना में मौत हो गई थी। पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर मौत के सही कारण का पता चलेगा। मृतका के पिता अभिषेक 28 मई को NGO संचालक के परिवार को लेकर मसूरी जा रहे थे। उन्हें घटना की जानकारी हुई है। वह लखनऊ के लिए निकल गए हैं।
NGO प्रबंधक डॉ. सुशील चंद्र त्रिवेदी ने बताया कि पारुल 10वीं क्लास की छात्रा थी। उसको पढ़ाई के लिए एक फोन दिया था, जिसका वह गलत इस्तेमाल करने लगी थी। वह राजस्थान के किसी लड़के से चैटिंग करने लगी थी। रोजाना की तरह संस्था में शाम को पूजा-पाठ हो रहा था, जब पारुल अपने कमरे से नीचे उतरकर नहीं आई, तो उसको देखने के लिए लोग ऊपर गए।
वह बाथरूम का दरवाजा बंद करके अंदर थी। काफी देर आवाज देने के बाद भी जब जवाब नहीं मिला तो लोगों ने दरवाजा तोड़ा। दरवाजा तोड़कर जब अंदर घुसे तो उसका शव फंदे से लटक रहा था। इसकी जानकारी जब उसके पिता को दी गई तो उसने बताया कि वह मसूरी में है। बॉडी लेकर हरिद्वार आ जाएं।
